लखनऊ

नकली नोट बन रहे आफत

राजधानी लखनऊ में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें आपसी लेन‑देन या बैंक ट्रांजेक्शन तक में नकली नोट, मिस प्रिंट अथवा बाजार में न चलने की स्थिति में आ चुके नोट थमाए जा रहे हैं। नकली नोट देखने में असली जैसे हैं और इस वजह से अक्सर भुगतान लेने वाला इन्हें पहचान नहीं पा रहा।
दूसरी ओर मिसप्रिंट व सॉइल्ड नोट (वे नोट जिन्हें बैंक रद्दी करार दे चुका हो) एटीएम से दिए जा रहे हैं, जिन्हें बाजार में चलवाना आफत बनता जा रहा है। जिसके पास यह नोट पहुंच रहे हैं वह खुद को ठगा महसूस कर रहा है। बीते कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं।
केंद्र सरकार द्वारा पुरानी शैली के पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद हुए करीब डेढ़ वर्ष बीत चुका है, इस दौरान नागरिकों ने एटीएम में कैश की किल्लत, बैंक शाखाओं के पास कैश की कमी, फटे पुराने नोटों को चलाने, जैसे हालात देखे हैं। दो महीने पहले उपजा कैश का संकट दो हजार रुपये की नोटों की कमी की वजह से था और इन हालात में खराब नोट भी चलाए गए।
यहीं से नागरिकों को इन नोटों को झेलना पड़ रहा है, कई दफा गंदे और फटे नोट उन्हें एटीएम से मिल रहे हैं, जिन्हें चला पाना चुनौतीपूर्ण होता है। एटीएम या शाखा से ऐसे नोट मिलने पर तत्काल बैंक को सूचित करें और प्रबंधक के जरिए इन्हें जल्द से जल्द बदलवाने का प्रयास करें। अरविंद पांडेय के मामले में पंजाब नेशनल बैंक के स्टेट हेड राकेश शुक्ला को शिकायत दी गई, जिसके बाद जांच करके उनके नोट बदले गए।