विदेश

सरहद पर दोनों ओर से अमन का पैगाम

नई दिल्ली। हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बीच दरार, तनाव, नफरत की खबरें तो अक्सर सुनने को मिलती रहती हैं लेकिन ऐसे सुकून भरे मौके कम होते हैं जब सरहद के दोनों ओर से अमन का पैगाम आए। 70 साल पुरानी इन दरारों को भरने की एक कोशिश शुरू हुई।
एलडीए कॉलोनी में रहने वाली श्रेया पेशे से डॉक्यूमेंट्री मेकर हैं और दिल से अमन की पैरोकार। पत्रकारिता से स्नातक करने के बाद उन्होंने डॉक्यूमेंट्री बनाने का काम शुरू किया। मगर अपने जुनून से उनकी मुलाकात हुई 16 दिसम्बर 2014 को, जब पाकिस्तान के पेशावर स्थित आर्मी स्कूल में सैकड़ों बच्चों को बेरहमी से मार दिया गया।
उस वक्त श्रेया ने देखा कि दोनों तरफ के लोगों की आंखें उन मासूम बच्चों के लिए नम हैं, दर्द के उस माहौल में सरहदें कहीं पीछे छूट गई थीं। उसी वक्त श्रेया को लगा कि कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे दोनों तरफ के लोगों को जुड़ने का एक मंच दिया जा सके और इस तरह नवंबर 2015 में शुरुआत हुई ऑनलाइन पोर्टल व फेसबुक पेज पाक बंधु की। चंद लोगों से शुरू हुए इस पोर्टल में आज 1633 सदस्य जुड़ चुके हैं और 50 प्रतिशत से ज्यादा लोग पाकिस्तान से हैं। पोर्टल पर कला, संगीत, सिनेमा, संस्कृति की बातें होती हैं और इन्हीं के बहाने दोनों तरफ माहौल बदलने की कोशिश की जा रही है। ‑वेब