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दुनिया ने योग की ताकत को स्वीकारा

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राजधानी के राजभवन के लॉन में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संग योग किया. रंग‑बिरंगी मैट्स पर पूरी तन्मयता के साथ शहर के बाशिंदों ने भी इसमें उनका साथ देकर योग की ताकत को स्वीकारा. इस अवसर पर राजनाथ ने कहा कि पहले लोग योग को किसी एक धर्म से जोड़ते थे, लेकिन अगर यह एक धर्म से जुड़ा होता तो उसे संयुक्त राष्ट्रसंघ में दुनिया के 177 देशों का समर्थन नहीं मिलता. इनमें 46 इस्लामिक देश हैं. योग का महत्व पूरी दुनिया में है और दुनिया के सबसे धनी देश अमेरिका में ढाई करोड़ लोगों ने योग को स्वीकार किया है।
राजनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कल्चरल डिप्लोमेसी में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है. योग को पूरी दुनिया में मान्यता मिली है. यह मान्यता मोदी ने दिलाई है. योग का मनुष्य के जीवन से गहरा संबंध है. योग का ऋगवेद में उल्लेख मिलता है. पतंजलि योग सूत्र में इसकी व्याख्या है. उन्होंने कहा कि योग के रूप में अधिकृत रूप से मुख्यमंत्री योगी ही बता सकते हैं. वहीं राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि योग से स्वास्थ्य बेहतर होता है. शरीर के लिए यह अत्यंत उपयुक्त है. उन्होंने 84 वर्ष की उम्र में अपनी अच्छी सेहत का राज बताया. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग के अन्तःकरण में भारत का अध्यात्म है. दवा पर खर्च होने वाला बजट का बड़ा हिस्सा योग के जरिये बचाया जा सकता है. प्रधानमंत्री के योग के आह्वान से जुड़ने का अनुरोध करते हुए कहा कि आप प्राणायाम करेंगे तो पाएंगे कि आपके अंदर नई ऊर्जा का संचार हो रहा है. आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी ने अतिथियों का स्वागत किया. इस मौके पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा व मुख्य सचिव राजीव कुमार भी मौजूद थे.
अमूमन कुर्ता पहनने वाले राजनाथ सिंह और रामनाईक टीशर्ट में कुछ अलग दिख रहे थे. योगी आदित्यनाथ यह कहने से चूके नहीं कि आज लोग अपनी उम्र से कम दिख रहे हैं. योगी ने कहा कि राज्यपाल और गृहमंत्री को तो मैं पहचान ही नहीं सका. गृहमंत्री को तो उनकी चाल से पहचाना ‑वेब