लखनऊ

लखनऊ से गोवा की अब सीधी उड़ान

लखनऊ। सूबे की राजधानी लखनऊ तथा पास के शहर के लोगों को गोवा जाने के लिए अब लंबी तथा उबाऊ यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। अब लखनऊ तथा पास के जिले के लोग क्रिसमस के साथ नव वर्ष मनाने गोवा जाने को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लखनऊ से गोवा के लिए 15 जुलाई से सीधी विमान सेवा शुरू हो जाएगी। इंडिगो एयरलाइन का विमान सिर्फ 2ः25 घंटे में लखनऊ से सीधा गोवा पहुंचाएगा। विमान का किराया भी 3999 रुपये रखा गया है। यह किराया ट्रेन के सफर में एसी थर्ड के प्रीमियम तत्काल के किराए से 40 प्रतिशत सस्ता होगा।
लखनऊ से गोवा के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। गोवा जाने वाले यात्रियों को नई दिल्ली के निजामुद्दीन या झांसी जाना पड़ता है। हजरत निजामुद्दीन से प्रतिदिन 12780 गोवा एक्सप्रेस दोपहर तीन बजे रवाना होती है। यह ट्रेन 39ः30 घंटे में 2201 किलोमीटर का लंबा सफर कराते हुए वास्को-डि-गामा पहुंचाती है। इस ट्रेन को यात्री झांसी से भी पकड़ते हैं। झांसी से यह ट्रेन रात 9ः22 बजे रवाना होकर 33ः08 घंटे में 1798 किलोमीटर की दूरी तय करती है। ट्रेन का हजरत निजामुद्दीन से एसी सेकेंड का सामान्य किराया 3020 रुपये जबकि तत्काल का 3545 और प्रीमियम तत्काल में 6300 रुपये तक होता है। एसी थर्ड में सामान्य किराया 2060 रुपये, तत्काल में 2480 और प्रीमियम तत्काल का किराया 7250 रुपये होता है। ‑वेब
पत्थरबाजी के लिए यूपी से कश्मीर जाते हैं लड़के
कश्मीर में सेना के जवानों पर होने वाली पत्थरबाजी में सहारनपुर और बागपत के युवकों के भी शामिल होने का भी अंदेशा है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्थानीय पुलिस को ऐसे संदिग्ध युवकों की एक सूची भेजी है। एसएसपी सहारनपुर ने इसकी जांच के लिए एलआईयू की एक विशेष टीम गठित कर दी है। टीम ने तीन युवकों से पूछताछ भी की है। उनका का कहना है कि एक ठेकेदार उन्हें सिलाई फैक्ट्री में काम कराने के लिए पुलवामा लेकर गया था। वहां सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्हें जबरन पत्थरबाजी करने के लिए भेजा जाता था। यही बात बागपत के युवकों ने भी कही है।
सूची में शामिल युवक ननौता, नकुड़ और आसपास के गांवों के बताए गए हैं। इनमें दो युवक पंकज और बबलू नकुड़ के गांव जुडी के हैं। वहीं बागपत के युवकों में बड़ौत का नसीम और डोलचा का शमीम है। सहारनपुर में पुलिस और एलआईयू को बुधवार रात नकुड़ और ननौता के तीन युवकों ने बताया कि ठेकेदार उन्हें आतंकित कर पत्थरबाजों के साथ भेजता था। — वेब