लखनऊ

सात शिक्षक, 10 चपरासी और पढ़ने वाले बच्चे सिर्फ तीन

यह हाल है शहर के सरकारी सहायता प्राप्त लखनऊ इंटरमीडिएट कॉलेज का। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.मुकेश कुमार सिंह के मंगलवार को किए गए औचक निरीक्षक में यह तस्वीर उभर कर सामने आई है। ऐसी ही तस्वीर, हजरतगंज के बिशन नारायण इंटर कॉलेज में भी देखने को मिली। स्कूल में बच्चे नहीं मिले। शिक्षक टाइमपास करते मिले। इस पर भड़के डीआईओएस ने शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई। साफ कर दिया कि स्कूल की व्यवस्था ठीक नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी।
डीआईओएस ने मंगलवार को शहर के कई स्कूल का औचक निरीक्षण किया। टीम सुबह करीब नौ बजे लालबाग स्थित लखनऊ इंटरमीडिएट कॉलेज पहुंचे। इस दौरान कक्षा छह में सिर्फ तीन बच्चे मिले। जिन्हें शिक्षिका रीना पढ़ा रही थी। इसके अलावा, स्कूल में एक भी बच्चा नहीं था। प्रिंसिपल रजनी यादव अपने कमरे में वाट्सएप पर व्यस्त मिली। डीआईओएस ने बताया कि स्कूल को नोटिस जारी किया जा रहा है। स्कूल में छात्रसंख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वेतन तक रोका जा सकता है।
हजरतगंज के बिशन नारायण इंटर कॉलेज पहुंची टीम को सिर्फ दो कक्षाओं में पढ़ाई होती मिली। बाकी शिक्षक टाइम पास करते नजर आए। डीआईओएस ने बताया कि स्कूल के प्राइमरी सेक्शन में पांच शिक्षक हैं। लेकिन, बच्चे सिर्फ नौ मिले। इसी तरह, कक्षा छह से 12 तक 11 शिक्षकों और चार चपरासी के कार्यरत हैं। लेकिन, बच्चे सिर्फ 23 मिले हैं। दोनों स्कूलों की हाल खराब मिली है। लखनऊ इंटरमीडिएट कॉलेज का दो बार निरीक्षण किया गया है । दोनों ही बार बच्चे नहीं मिले। सभी स्कूलों को सख्त हिदायत दी जाती है कि वह बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कर पठन पाठन की स्थिति को सुधारें। अन्यथा नियमानुसार कठोर कार्रवाई का जाएगी। ‑वेब