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मैंने कभी देश तोड़ने की बात नहीं की, मैं हमेशा देश का संविधान मानता हूं : ओवैसी

विवादित और भड़काऊ भाषणों के लिए चर्चा में रहने वाले सांसद असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि उनकी जिन्ना से तुलना करना गलत है क्योंकि उन्होंने कभी भी देश तोड़ने की बात नहीं की. एएमयू में जिन्ना की मूर्ति से कोई मतलब नहीं है.
अपने विवादित बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ी बेबाकी से मुस्लिम राजनीति और 2019 के लोकसभा चुनावों पर आजतक के कार्यक्रम ’थर्ड डिग्री’ में अंजना ओम कश्यप, निशांत चतुर्वेदी और अशोक सिंघल के साथ खुलकर बात की. मोहम्मद अली जिन्ना से खुद की तुलना किए जाने पर ओवैसी का कहना है कि उनकी जिन्ना से तुलना करना गलत है. उन्होंने कोई कभी देश तोड़ने की बात नहीं कही. उन्होंने कहा, ’मैं हमेशा देश का संविधान मानता हूं और देश की बात करता हूं.’
मुस्लिम राजनीति पर ओवैसी का कहना है कि वह मुस्लिम राजनीति नहीं करते, जो दबे कुचले लोग हैं उनके उत्थान की बात करते हैं. उनकी तरक्की की बात करते हैं. स्कूल खोलने की कोई बात नहीं करता है, हमेशा मुसलमानों के उत्थान के नाम पर उनको वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया. आज भी वे विकास के लिए तरस रहे हैं. उनको आगे बढ़ने नहीं दिया गया.
कश्मीरी पंडितों को जम्मू-कश्मीर वापसी के सवाल पर ओवैसी ने कहा, ’मैं भी चाहता हूं कि कश्मीरी पंडितों की घर वापसी होनी चाहिए. वहां पर उनको सही ढंग से बसाया जाना चाहिए, लेकिन मोदी सरकार ने कश्मीरी पंडितों को लेकर जो वादे किए थे उस सिलसिले में कोई काम नहीं किया गया. एक भी कदम नहीं उठाया गया, एक भी कश्मीरी पंडित को घर वापसी नहीं करवाई गई.’
ओवैसी का कहना है कि वह भीमराव अंबेडकर को अपना आदर्श मानते हैं. एनआरसी के मुद्दे पर भी ओवैसी ने घुसपैठियों को वापसी भेजे जाने को गलत ठहराते हुए कहा कि उन लोगों को जिनके नाम ड्राफ्ट में नहीं आए हैं. उनको घुसपैठिया कहना गलत है अभी तक यह सिद्ध नहीं हुआ है कि वे घुसपैठिए हैं. ‑वेब

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