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विधान परिषद में गूंजा गड्ढा युक्त सड़कों का मुद्दा

लखनऊ। गड्ढा मुक्त सड़के होने के बजाये गड्ढा युक्त सड़कों से होने वाले एक्सीडेंट का मुद्दा विधान परिषद में जोर‑शोर से गूंजा। कांग्रेस ने कार्य स्थगन के तहत यह मुद्दा उठाया। कांग्रेस नेता दीपक सिंह ने कहा कि गड्ढामुक्त सड़कों का वादा किया गया था। लखनऊ में ही आठ महीने में 1001 सड़क हादसे हुए, 381 मौतें हुईं और 432 लोग घायल हो चुके हैं। पहली बार लोग इस मामले को लेकर उपभोक्ता फोरम जा रहे हैं। पांच साल में यह सड़क हादसों में मौतों का रेकॉर्ड है। दीपक सिंह ने कहा कि एक्सीडेंट का कारण गड्ढों के अलावा छुट्टा पशु भी हैं। सरकार सदन के बाहर तो जुमलेबाजी करती है। सदन में जुमले ठीक नहीं हैं। सरकार तो हेलिकॉप्टर से चलती है। हम लोगों को सड़क के गड्ढों से जूझना पड़ता है। इस पर नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने चुनौती देते हुए कहा कि लखनऊ में इतने हादसों और मृतकों की लिस्ट उपलब्ध करवा दी जाए तो हम सभी को मुआवजा भी देंगे। उन्होंने कहा कि ज्यादा बारिश से सड़कें उखड़ गई हैं। उनकी मरम्मत करवाई जाएगी। सभी गड्ढे भरे जाएंगे। गड्ढामुक्ति के लिए 180 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इसी प्रश्न के दौरान कांग्रेस नेता दीपक सिंह और नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा के बीच बहस इतनी तीखी हो गई कि दोनों ने एक‑दूसरे को चुनौती देकर इस्तीफे की पेशकश कर दी। डॉ. शर्मा ने कहा कि आपने झूठी और गलत सूचना सदन में दी है। लखनऊ में इतनी मौतें आप साबित कर देंगे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। दीपक सिंह ने माना कि लिखित सूचना में टाइपिंग की गलती है। इतने एक्सीडेंट हुए हैं। हेलिकॉप्टर वाली सरकार पर डॉ. शर्मा ने कहा कि दीपकजी हेलिकॉप्टर की बात शायद अमेठी के लिए कर रहे हैं। अमेठी में होग हेलिकॉप्टर से आते हैं और चले जाते हैं। इस पर दीपक सिंह ने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि अमेठी में सबसे ज्यादा काम राहुल गांधीजी ने ही करवाया है। आपने तो सिर्फ शिलान्यास और उद्घाटन किए हैं। अगर आप साबित कर दें कि राहुलजी से ज्यादा काम किसी ने वहां करवाया है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। ‑वेब