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विमान हादसे के पश्चात बोइंग 737 व 117 पर लगी रोक

इथियोपियन एयरलाइंस का बोइंग 737 मैक्स.8 रविवार सुबह उड़ान भरने के बाद 8600 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा और उसके बाद अचानक 441 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से नीचे आकर क्रैश हो गया। इसमें सवार चार भारतीयों समेत 157 लोगों की मौत हो गई। यह विमान बोइंग 737 मैक्स.8 था। पांच महीने में यह दूसरा मौका है जब बोइंग के इसी मॉडल का विमान क्रैश हुआ है। इससे पहले इंडोनेशियाई कंपनी लॉयन एयर का इसी मॉडल का नया विमान जकार्ता में अक्टूबर 2018 में क्रैश हुआ था। इसमें 189 लोगों की मौत हुई थी। इथियोपिया में हादसे के बाद दुनियाभर में बोइंग 737 के 117 विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी गई है।
चीन इथियोपिया की एयरलाइन्स ने इसका इस्तेमाल रोक दिया है। इंडोनिशिया की विमानन कंपनियों और कैरेबियाई कंपनी केयमैन एयरलाइन्स ने अस्थायी तौर पर बोइंग 737 मैक्स.8 को ऑपरेशन्स से हटा लिया है। रूस ने भी परिवहन मंत्रालय को इस पर विचार करने को कहा है। भारत में भी डीजीसीए ने संकेत दिए है कि वह इस प्लेन के इस्तेमाल के बारे में नए सुरक्षा निर्देश जारी कर सकता है। भारत में जेट एयरवेज ने मैक्स कैटेगरी के बोइंग के 225 विमानों का ऑर्डर दिया था। इनमें से कुछ की डिलिवरी हो चुकी है। बताया जाता है कि जेट एयरवेज के बेड़े में अभी 8 मैक्स.8 विमान हैं। स्पाइसजेट ने भी 155 मैक्स.8 विमानों समेत 205 बोइंग प्लेन का ऑर्डर दिया है। स्पाइसजेट के पास अभी 13 मैक्स.8 विमान हैं।
इथियोपिया में प्लेन क्रैश के बाद बोइंग को 777 एक्स मॉडल की लॉन्चिंग रोकनी पड़ी है। यह मैक्स 8 से भी बड़ा विमान है जिसमें 425 यात्री बैठ सकते हैं। इसकी लॉन्चिंग बुधवार को होनी थी। पहले 777 एक्स की डिलिवरी 2020 में होनी थी। इथियोपियन एयरलाइन्स ने कहा है कि बोइंग 737 मैक्स.8 का एक विमान क्रैश होने के बाद उसने इस मॉडल के चार अन्य विमानों का इस्तेमाल बंद कर दिया है।
चीनी कंपनियां बोइंग 737 मैक्स 8 की सबसे बड़ी कंज्यूमर हैं। देश में इस बोइंग 737 के 97 मॉडल का इस्तेमाल हो रहा है। ये विमान एयर चाइनाए चाइना ईस्टर्न और चाइना सदर्न के बेड़े का हिस्सा हैं। तीनों कंपनियों ने मैक्स 8 विमानों का इस्तेमाल फिलहाल रोक दिया है। ‑वेब