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हार्दिक पटेल के चुनाव लड़ने पर रोक

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ पहुंचे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं. उन्होंने अपनी याचिका में गुजरात हाई कोर्ट के फैसले पर रोक और सजा को निलंबित करने की मांग की है. हालांकि याचिका अभी सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में लंबित हैं, सूचीबद्ध नहीं हुई है. सूचीबद्ध होने के बाद हार्दिक अपनी याचिका पर सुनवाई की मांग करेंगे. हार्दिक ने अपनी याचिका में कहा है कि नामांकन का आखिरी दिन गुरुवार है, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट की याचिका पर रोक लगाए. सर्वविदित है कि हार्दिक पटेल को फिलहाल लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया गया है.
दरअसल 2015 में गुजरात में हुए उपद्रव के मामले में शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट से हार्दिक को बड़ा झटका लगा था. हाईकोर्ट ने हार्दिक पटेल की याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें मेहसाणा में 2015 के दंगा उपद्रव मामले में उनकी सजा निलंबित करने की अपील की गई थी. दंगा भड़काने के आरोप में साल 2018 में निचली कोर्ट ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को दोषी ठहराते हुए दो साल की जेल की सजा सुनाई थी. दंगा 23 जुलाई, 2015 को हुए थे और उनके नेतृत्व में पाटीदारों ने पहली बार रैली की थी.
बीते बुधवार को ही गुजरात सरकार ने हार्दिक पटेल की दोषसिद्धि पर स्थगन आदेश देने की मांग करने वाली याचिका का विरोध किया था. सरकारी वकील मितेश अमीन ने अदालत से कहा था कि पटेल करीब 17 मुकदमों का सामना कर रहे हैं, जिससे पता चलता है कि उनका चरित्र ठीक नहीं है. पटेल के वकील ने कहा था कि अगर स्थगन आदेश नहीं दिया गया तो उससे उनके मुवक्किल को ‘अपूरणीय क्षतिश् होगी क्योंकि वह चुनाव लड़ना चाहते हैं. जुलाई 2018 में सत्र अदालत ने उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई थी. वे फिलहाल जमानत पर चल रहे हैं.
गौरतलब है कि राहुल गांधी की मौजूदगी में 12 मार्च को हार्दिक पटेल ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया था. कांग्रेस में शामिल होने के बाद हार्दिक पटेल के जामनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि कांग्रेस की तरफ से आधिकारिक रूप से कुछ भी साफ नहीं किया गया था कि वह किस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं. ‑वेब