संजीवनी

संगीत सुनना तनाव कम करता ही है साथ में कैंसर रोगियों के लिए भी हितकारीः रिसर्च

हेल्थ। रिसर्च में ये साबित हो चुका है कि रोज 30 मिनट तक संगीत सुनना कैंसर रोगियों में दर्द को कम करता ही है साथ में व्यक्ति तनाव मुक्त भी हो जाता है। यह दावा ताइवान के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में किया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, जब कैंसर रोगी म्यूजिक सुनते हैं तो उनके मस्तिष्क में ऐसे रसायन निकलते हैं जो खुशी और सकारात्मक अहसास जगाते हैं।
शोधकर्ताओं ने यह शोध ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित 60 महिलाओं पर किया। इन्हें दो समूहों में बांटा गया। पहले समूह को रोज संगीत सुनाया गया। यह संगीत बेहद सुकून देने वाला था। संगीत का चुनाव विशेषज्ञों ने किया। इसमें क्लासिकल, परंपरागत ताइवानी और धार्मिक संगीत शामिल था, जिसका मरीजों पर सकारात्मक असर देखा गया। दूसरे समूह को प्राकृतिक संगीत जैसे नदी के पानी की आवाज सुनाई गई, लेकिन इसका मरीजों पर कोई असर नहीं हुआ।
शोध के दौरान सर्जरी से पहले महिलाओं से थकान, दर्द जैसे लक्षणों के बारे में जाना गया। सर्जरी के 6, 12 और 24 हफ्तों के बाद दोबारा लक्षण जाने गए। नतीजे के तौर पर सामने आया कि जिन मरीजों को सर्जरी के बाद म्यूजिक थैरेपी दी गई उन्हें हफ्ते-दर-हफ्ते दर्द और थकान कम महसूस हुई। ऐसे मरीजों में नकारात्मक विचार आने भी कम हो गए।
पं. मिलिंद ने बताया भारतीय शास्त्रीय संगीत एक साइंटिफिक म्यूजिक है। पुणे के सिपला कैंसर रिसर्च सेंटर में वह एडवांस स्टेज के कैंसर पेशेन्ट के बीच वाद्य संगत करते थे। करीब 15 साल पहले कैंसर की एक महिला मरीज जलतरंग की धुनों को सुनने के बाद स्वयं उठकर खड़ी हो गई, जबकि वह खुद उठने में भी अक्षम थी। इसके बाद मिलिंद ने संगीत चिकित्सा को ही अपना जीवन बना लिया। मिलिंद का कहना है म्यूजिक मेमोरी खत्म नहीं होती। वह मृत्यु के साथ ही व्यक्ति के साथ जाती है। ‑वेब

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