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यूएन ने पाकिस्तान को दिखाया 1972 शिमला समझौते का रास्ता

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ती तल्ख़ी के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से इस मुद्दे पर ’अधिकतम संयम’ दिखाने की अपील की है. महासचिव गुटेरेस ने इस मुद्दे के समाधान के लिए साल 1972 में हुए ’शिमला समझौते’ की याद भी दिलाई है. भारत भी जम्मू-कश्मीर के मुद्दे का समाधान शिमला समझौते के तहत तलाशने की हिमायत करता रहा है.
भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को ख़त्म कर दिया है. इस पर पाकिस्तान ने गहरी आपत्ति ज़ाहिर करते हुए भारत के कूटनीतिक स्तर को कम करने के अलावा दो पक्षीय व्यापार को भी निलंबित कर दिया है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की ओर से जारी बयान में बताया गया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच ’1972 में हुए (शिमला) समझौते’ का ज़िक्र किया. शिमला समझौते में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर को लेकर ’अंतिम स्थिति का निर्धारण संयुक्त राष्ट्र के चार्टर को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण तरीक़े से किया जाएगा.’
भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1971 के युद्ध के बाद साल 1972 में शिमला में समझौता हुआ था. उस समय इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री थीं और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जुल्फ़िक़ार अली भुट्टो थे. ‑वेब