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भारत का रूख अब आक्रामक, नीति में बदलाव

नई दिल्ली। पीओके में तीसरे बड़े हमले के बाद अब पाकिस्तान को कड़ा संदेश। आए दिन सीजफायर उल्लंघन करने वाले पाकिस्तान को 4 साल में तीन बड़े ऐक्शन से यह संदेश मिल गया है कि भारतीय सेना ’वेट ऐंड वॉच’ की रणनीति छोड़ चुकी है और अब भारत का रुख रक्षात्मक नहीं आक्रामक है। सेना के पीओके में ऐक्शन से साफ हो गया है कि सरहद के उस पार भारत के खिलाफ मंसूबे के पनपने से पहले ही उसे नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। आतंकवाद से निपटने और पाकिस्तान की धूर्तता का जवाब देने के लिए भारत की यह नई रणनीति है। आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद इंडियन आर्मी ’लो इंटेंसिटी कॉन्फ्लिक्ट’ यानी कम तीव्रता के संघर्ष में आतंकियों का सफाया कर रही है।
भारतीय सेना के एक सीनियर ऑफिसर ने कहा कि हम एस्केलेशन यानी युद्ध की नौबत नहीं चाहते क्योंकि इसमें आम नागरिक मारे जाते हैं लेकिन हम आतंकियों और उन्हें सपोर्ट करने वालों को भी नहीं बख्शना चाहते। रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ (रिटायर्ड) कहते हैं कि जिस तरह इंडियन आर्मी एलओसी पर कैलिबर एस्केलेशन कर रही हैं यानी छोटे हथियारों के बाद बड़े हथियारों का इस्तेमाल कर रही है वह यह साफ संदेश देने के लिए है कि हम आतंकियों और उन्हें सपोर्ट करने वालों को बिल्कुल नहीं सहेंगे। ऐसे में युद्ध की स्थिति जैसी कोई बात नहीं है क्योंकि यह एक स्पेसिफिक एरिया में टारगेट किया जा रहा है।
पाक आर्मी को समझ में आ गया है कि भारत अब हमले का इंतजार नहीं करेगा बल्कि फौरन ऐक्शन लेगा। पाक के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) नईम खालिद लोधी ने जियो न्यूज से बातचीत में माना कि भारत का पीओके में ताजा ऐक्शन सामान्य से बढ़कर है क्योंकि इसमें बड़े तोप का इस्तेमाल किया गया है।
“6 से 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और करीब इतने ही आतंकवादी ढेर हुए हैं। कार्रवाई में मारे गए आतंकवादियों के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। 3 आतंकवादी शिविर नष्ट किए गए हैं और चौथे शिविर को भी नुकसान पहुंचा है।“
‑सेना प्रमुख बिपिन रावत
भारत ने पीओके में आतंक के अड्डों पर ऐसे समय में गोले बरसाए हैं जब पाकिस्तान टेरर फंडिंग को लेकर घिरा हुआ है। सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा है कि दूसरी तरफ खामोशी छाई है क्योंकि एलओसी के पार से हमें मोबाइल संचार के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि इसका संबंध हताहत, नुकसान से है और पाकिस्तान की सेना इसे सामने नहीं लाना चाहती। उन्होंने कहा, ‘वे इसका जिक्र नहीं करेंगे या इस नुकसान के बारे में नहीं कहेंगे क्योंकि दुनिया को पता चल जाएगा कि (पाकिस्तान ने) आतंकवादी कृत्यों को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। वे ढंकने का प्रयास कर रहे हैं।’
जनरल रावत ने कहा कि सेना को सूचना मिली थी कि आतंकवादी अग्रिम इलाके में कैंप के करीब आ रहे हैं। पिछले एक महीने में गुरेज, केरन, माचिल सेक्टरों और पीर पंजाल के दक्षिण में बार‑बार घुसपैठ की कोशिशें की गईं। पाकिस्तानी सैनिक आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के लिए संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘त्यौहार का मौसम आने वाला है, दीपावली नजदीक है। ऐसे में हमें संकेत मिला था कि पीर पंजाल के उत्तर में कुछ आतंकी कैंप सक्रिय हैं। आतंकवादी इन कैंपों में आए थे और वे घुसपैठ करने वाले थे। वे घुसपैठ करने का प्रयास करते इससे पहले ही हमने आतंकी कैंपों को निशाना बनाने का फैसला किया।’ ‑वेब