लखनऊ

विधवा की हत्या का रहस्य खुला

लखनऊ में सरोजनीनगर से 35 दिन से लापता 40 वर्षीय विधवा की अगवा कर हत्या सिंचाई विभाग के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी गोधन ने की थी। महिला सिंचाई विभाग में बेलदार के पद पर तैनात थी। दो दिन पहले हत्या आरोपी हत्थे चढ़ा तो आननफानन सरोजनीनगर पुलिस ने दोबारा विधवा के बेटे से तहरीर लिखवाकर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया।
दो दिन तलाश करने के बाद गुमशुदगी दर्ज कराई। प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, महिला की लाश 11 अक्तूबर को
कृष्णानगर थानाक्षेत्र के केशरी खेड़ा रेलवे लाइन के किनारे बबूल के जंगलों में मिली थी। तीन दिन तक शिनाख्त कराने में असफल रहने के बाद अंतिम संस्कार लावारिस में करा दिया गया।
उसके सामान कृष्णानगर थाने में सुरक्षित रखे गए थे। पोस्टमार्टम में जब गला घोंटकर हत्या की बात सामने आई तो कृष्णानगर पुलिस विधवा के आरोपियों की तलाश शुरू की। सुराग लगा कि मृतका सिंचाई विभाग की कर्मचारी है तो शिनाख्त के प्रयास शुरू किए गए। दो दिन पहले पुलिस को अहम सुराग हाथ लगा और सरोजनीनगर पुलिस से संपर्क किया।
बेटे ने आरोप लगाया कि गोधन ने उसकी मां पर एक महीने से किसी प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए दबाव बना रहा था। आठ अक्तूबर को उसे बुलाया। सुबह 9 बजे उसकी मां घर से निकली और आधे घंटे बाद ही उनका मोबाइल बंद हो गया। दस अक्तूबर से गोधन का भी मोबाइल बंद हो गया। उसने मां को लालच दिया था कि 5 हजार रुपये दो तो 30 हजार रुपये इनाम में मिलेंगे। पुलिस ने मंगलवार को अपहरण का नया मुकदमा दर्ज कर आरोपी गोधन को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर प्रमेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, दो दिन पहले सुराग लगा कि लापता महिला की हत्या कर केशरीखेड़ा में शव फेंका गया था। महिला उसे ब्लैकमेल कर रही थी। इससे तंग आकर उसने आठ अक्तूबर को कॉल कर विधवा को बुलाया और केशरीखेड़ा के जंगल में ले जाकर सुबह करीब 9.30 बजे गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद बबूल के जंगलों में शव फेंक दिया। महिला का मोबाइल बंद कर भाग निकला। दो दिन बाद अपना मोबाइल बंद कर ऑफिस जाने लगा। ‑वेब

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