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26 दिसंबर को साल 2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण

26 दिसंबर को साल 2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण है. यह सूर्य ग्रहण भारत के साथ ही एशिया, अफ्रीका और आस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा. साल का अंतिम सूर्य ग्रहण खंडग्रास है. वहीं दक्षिण भारत में कंकणाकृति सूर्य ग्रहण रहेगा. इसके बाद अगले साल के शुरुआत यानी जनवरी महीने में चंद्र ग्रहण लगेगा. बताया जा रहा है इस तरह का सूर्य ग्रहण 296 साल बाद लग रहा है. सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है जो कि ग्रहण काल के समापन तक चलता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में कोई भी शुभ काम करना अशुभ माना जाता है.
वहीं वैज्ञानिक, धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण का महत्व बहुत अधिक है. वैज्ञानिक नजरिए से बात करें तो सूर्य ग्रहण सिर्फ एक खगोलीय घटना है जबकि धार्मिक और ज्योतिष के दृष्टिकोण से देखा जाए तो सूर्य ग्रहण का व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ता है. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण लगना अशुभ रहता है. विज्ञान के अनुसार पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करता है जबकि चंद्रमा पृथ्वी के चारो ओर घूमती है. पृथ्वी और चंद्रमा घूमते-घूमते एक समय पर ऐसे स्थान पर आ जाते हैं जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनों एक सीध में रहते हैं. जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है और वह सूर्य को ढक लेता है तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं. ‑वेब