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पीओके गुलाम कश्मीर में भारत से दहशत

नई दिल्ली। नव वर्ष की शुरुआत भारत में जहां सीडीएस की नियुक्ति से मिली ताकत से हुई है वहीं पाकिस्तान में इसकी शुरुआत दहशत में हुई है। यह दहशत किसी और से नहीं बल्कि भारत से ही है। साल के पहले ही दिन इस डर का जिक्र किसी और ने नहीं बल्कि गुलाम कश्मीर के राष्ट्रपति सरदार मसूद खान ने किया है। उन्हें यह डर भारतीय सेना की सीमा पर मुस्तैदी से है। इसके अलावा माना ये भी जा रहा है कि उन्हें ये डर कहीं न कहीं नए सीडीएस की तैनाती से भी है। गुलाम कश्मीर के राष्ट्रपति मसूद खान का कहना है कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान से लगती एलओसी पर घातक हथियार तैनात किए हैं। उन्होंने इसको पाकिस्तान के खिलाफ मोदी सरकार द्वारा तैयार किया गया सबसे आक्रामक डिजाइन बताया है। गवर्ननर हाउस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सरकार द्वारा तैयार किए गए इस डिजाइन से पाकिस्तान को सबसे अधिक खतरा है। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि सीमा पर इस तरह के हथियारों की तैनाती से पूरे क्षेत्र की शांति को खतरा है।
इनमें पहली वजह सीडीएस जनरल बिपिन रावत का वो बयान है जिसमें उन्होंने कहा था कि सेना गुलाम कश्मीर में किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए तैयार है बस सरकार के आदेश का इंतजार है। यह बयान उन्होंने सेना प्रमुख रहते हुए बीते वर्ष सितंबर में दिया था।
दूसरी बड़ी वजह सरकार की तरफ से दिया गया वो बयान है जिसमें गुलाम कश्मीर को भारत में शामिल करने की बात कही गई थी।
तीसरी वजह पाकिस्तान से लगती सीमा पर आकाश मिसाइल की तैनाती की घोषणा भी है। इसकी तैनाती 15 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में की जाएगी। दस हजार करोड़ की लागत से इसकी दो रेजिमेंट को बनाने को भी सरकार हरी झंडी दे दी गई है। भारत पहले ही स्पाइक मिसाइलों की तैनाती सीमा पर कर चुका है। इसके अलावा सीमा पर तैनात राफेल जेट विमानों पर हवा से हवा में मार करने वाली मिटिऑर मिसाइल की तैनाती को भी सरकार मंजूरी दे चुकी है। ये मिसाइल किसी भी मौसम में 120 से 150 किमी तक की दूरी में अचूक निशाना लगा सकती है। 190 किलोग्राम वजनी ये मिसाइल 3.7 मीटर लंबी है और अडवांस राडार सिस्टम से लैस है। मसूद के डर के चैथे कारण के रूप में भारत सरकार द्वार जम्मू कश्मीर के नए नक्शे को जारी करना है, जिसमें चीन द्वारा अवैध तरीके से कब्जाया गया अक्साई चिन और पाकिस्तान द्वारा कब्जाए गए गुलाम कश्मीर का हिस्सा शामिल है। ‑वेब