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धोखाधड़ीः बाइक वाराणसी में और चालान लखनऊ में

वाराणसी जिले के लंका थाने में तैनात एक सिपाही की बाइक का नंबर कोई दूसरा व्यक्ति अपनी बाइक पर लगा कर चल रहा है। सिपाही को इस बात का पता तब हुआ जब ई‑चालान का मेसेज पहुंचा। बाइक उसके पास थी और चालान लखनऊ में हुआ था। सिपाही ने ऑनलाइन इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करवाई। आशियाना पुलिस छानबीन में जुट गई है।
इंस्पेक्टर आशियाना संजय राय ने बताया कि यूपी पुलिस ने सिपाही नीरज तिवारी वाराणसी के लंका थाने में तैनात हैं। उसका कहना है कि 3 अक्टूबर 2019 को उसके पास ट्रैफिक पुलिस का उसकी बाइक (यूपी 32 जेसी 8923) का 500 रुपये का ई‑चालान होने का मेसेज आया था। चालान आशियाना में हुआ था, बाइक उसके पास वाराणसी में थी।
सिपाही ने जब ट्रैफिक पुलिस से संपर्क किया तो उसको चालान और गाड़ी की फोटो भेजने के साथ ही बताया गया कि इसी गाड़ी का 25 जून को भी 200 रुपये का चालान हुआ था। फोटो देख सिपाही के होश उड़ गए। गाड़ी उसकी नहीं थी, लेकिन गाड़ी पर पड़ा नंबर उसकी बाइक का था। यह देख नीरज को समझ आ गया कि कोई उसकी बाइक के नंबर का इस्तेमाल कर रहा है। — वेब