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कैदियों की निकली लाॅटरीः कोरोना वायरस से निपटने के लिए ईरान छोड़े करीब 85 हजार कैदी

कोरोना वायरस से निपटने के लिए ईरान करीब 85 हजार कैदियों को थोड़े दिनों के लिए रिहा करेगा. ईरान की न्यायिक व्यवस्था के प्रवक्ता ने इस बात का ऐलान किया है. स्काई न्यूज के मुताबिक ईरान की न्यायिक व्यवस्था के प्रवक्ता घोलमोहेसैन इस्माइली ने कहा कि ’जिन कैदियों को रिहा किया जा रहा है, उनमें से करीब 50 फीसदी को सुरक्षा कारणों से बंदी बनाया गया था. अब ईरान के सामने नई चुनौती है. हमारे सामने जेल को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाए रखने की चुनौती है. इसलिए ये एहतियाती कदम उठाया जा रहा है.’
ईरान की जेल से रिहा किए जाने वालों में से कुछ राजनीतिक कैदी भी हैं. ईरान में संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार मामलों के दूत जावेद रहमानी ने कहा है कि उन्होंने ईरान से अपील की थी कि वो अपनी जेलों से राजनीतिक कैदियों को थोड़े वक्त के लिए रिहा करे. ईरान की जेलें पहले से ही कैदियों से भरी पड़ी हैं. ऐसे में वहां बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है.
इसके पहले 9 मार्च को खबर आई थी कि ईरान ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए करीब 70 हजार कैदियों को रिहा कर दिया है. ईरान की न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी एक वेबसाइट ने ईरानी न्यायिक चीफ इब्राहिम रईसी के हवाले से बताया था कि कैदियों की रिहाई के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया कि समाज में कैदियों की रिहाई से खौफ पैदा न हो.
चीन और इटली के बाद कोरोना वायरस ने ईरान में सबसे ज्यादा कहर बरपाया है. ऐसे में ईरान में कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार हर कदम उठा रही है. तभी जेल में बंद कैदियों की हालत को देखते हुए सरकार ने इनकी रिहाई का बड़ा फैसला लिया है. हालांकि ये अभी तक पता नहीं चल पाया है कि रिहा किए गए कैदियों को कब वापस जेलों में भेजा जाएगा. ‑वेब