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खुफिया रिपोर्टः चीन की लैब से फैला कोरोना वायरस

लंदन। दुनिया भर के तमाम देश इस वक्त कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं. ये खतरनाक वायरस आखिर कहां से फैला इसे लेकर कई देशों की सरकारें पता लगाने की कोशिश कर रही हैं. इस बीच ब्रिटेन सरकार को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली है कि कोरोना वायरस का संक्रमण पहले चीन के लैब से जानवरों में हुआ और उसके बाद वह इंसानों में फैला. अब ये वायरस घातक रूप ले चुका है.
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की वुहान लैब में इबोला, निपाह, सॉर्स और दूसरे घातक वायरसों पर रिसर्च कर रहे वैज्ञानिक अपने माइक्रोस्कोप में एक अजीब सा वायरस नोटिस कर रहे थे. मेडिकल हिस्ट्री में ऐसा वायरस पहले कभी नहीं देखा गया था. इसके जेनेटिक सीक्वेंस को गौर से देखने पर पता चल रहा था कि ये चमगादड़ में पाए जाने वाले वायरस के करीबी हो सकते हैं. वैज्ञानिक हैरान थे क्योंकि इस वायरस में वो सार्स वायरस के साथ समानता को देख पा रहे थे, जिसने 2002–2003 में चीन में महामारी ला दी थी और दुनिया भर में 700 से ज्यादा लोग मारे गए थे. उस वक्त भी ये बताया गया था कि सार्स छूने और संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से फैलता है, लेकिन तब चीन इस वायरस को छुपा ले गया था.
डेली मेल की खबर के मुताबिक, भले ही अब तक वैज्ञानिकों का यही मानना रहा है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान के पशु बाजार से इंसानों में फैला, लेकिन चीनी लैब से हुई लीक की बात को भी एकदम से नकारा नहीं जा सकता. रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन की बनाई गई इमरजेंसी कमिटी कोबरा के एक सदस्य ने कहा कि पिछली रात मिली खुफिया सूचना मिली, जिसके मुताबिक इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि वायरस जानवरों से ही फैला है. हालांकि, ये भी साफ होता जा रहा है कि वुहान के लैब से होकर ही ये वायरस इंसानों में फैलना शुरू हुआ था.
डेली मेल की खबर के मुताबिक, वुहान में इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी है, जहां कई तरह की टेस्टिंग होती है. चीन में यह सबसे एडवांस लैब बताया जाता है. यह इंस्टिट्यूट जानवरों के बाजार से महज 10 मील दूर बना है. इसके अलावा वुहान सेटंर फॉर डिजिज कंट्रोल भी वुहान के पशु बाजार से करीब तीन मील दूर है. बता दें कि चीन के अखबार पीपल्स डेली ने 2018 में कहा था कि यह घातक इबोला वायरस जैसे माइक्रोऑर्गेनिजम पर टेस्टिंग करने की काबिलियत रखता है. ‑वेब