लखनऊ

बिजली बिल निरस्त किए जाने पर विभागीय इंनिनियर नाराज

लखनऊ के बिजली विभाग (लेसा) में करीब 600 बड़े उपभोक्ताओं (75 किलोवॉट से ऊपर) के बने बिल निरस्त कर दिए गए। फैसले से विभागीय इंजिनियरों में नाराजगी है। इंजिनियरों का कहना है कि लेटलतीफी से लिए गए इस फैसले से विभाग को भारी राजस्व का नुकसान होगा। बिलिंग व्यवस्था भी प्रभावित होगी। इसकी भरपाई करना आसान नहीं होगी।
विभागीय व्यवस्था के अनुसार हर महीने की दो तारीख तक कमर्शल उपभोक्ताओं के करीब 60 फीसदी बिल तैयार हो जाते हैं। इनमें वे सभी बिल शामिल हैं, जिनके मीटरों में मॉडम (एमआर) लगा है। (एचवी-1 और 2 कैटिगिरी) उपभोक्ता के मीटर में लगे एमआर की मदद से बिना मीटर रीडर के खर्च की गई बिजली के आधार पर सही रीडिंग के बिल तैयार किए जा जाते हैं।
व्यवस्था के तहत लॉकडाउन के दौरान लेसा के करीब 600 उपभोक्ताओं के बिल तैयार हो चुके थे। इन्हें विभिन्न माध्यम से 10 अप्रैल से उपभोक्ताओं तक पहुंचाना था। लेकिन विभाग के शीर्ष प्रबंधन की ओर से बार‑बार नियम बदलने और इन्हें लागू करने में हुई देरी की वजह से तैयार बिलों को बीते सप्ताह निरस्त करना पड़ा। ‑वेब