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एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइटः एक्सीडेंट की वजह टेबलटॉप रनवे नहीं, बल्कि गलत टचडाउन जोन चुनना

Kojhicode

कोझीकोड। एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट AirIndia-1344 दुबई से शाम 7.41 बजे कोझीकोड पहुंची थी। इसी दौरान फ्लाइट फिसल गई और रन‑वे से आगे निकल गई। विमान 35 फीट गहरी खाई में गिर गया।
एयर इंडिया की एक्सप्रेस फ्लाइट आईएक्स 1344 के एक्सीडेंट की खबर जब शुक्रवार रात को कोझीकोड इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बाहर आई, तब माना जा रहा था कि इस हादसे की वजह टेबलटॉप रनवे है। ज्यादातर एयरपोर्ट यूजर्स जानते हैं कि कारीपुर एयरपोर्ट पहाड़ी इलाके में है और वहां टेबलटॉप रनवे है, जिसे छोटी सी पहाड़ी काटकर बनाया गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वंदे भारत मिशन के तहत 180 पैसेंजर को लेकर जा रहे इस एयरक्राफ्ट के एक्सीडेंट का कारण रनवे का टाइप नहीं है। जैकब फिलिप कतर में रहने वाले भारतीय एविएशन एनालिस्ट हैं। वे कहते हैं इस एक्सीडेंट की वजह टेबलटॉप रनवे नहीं, बल्कि भारी बारिश की वजह से गलत टचडाउन जोन चुनना हो सकता है।
मौसम की रिपोर्ट के मुताबिक इस वक्त तक बारिश थम गई थी। पायलट्स को दी गई मौसम की जानकारी में भी लाइट रेन यानी हल्की बरसात का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेन जो मद्धम बरसात में लैंडिंग के लिए नीचे आया, उसने टचडाउन पॉइंट क्रॉस कर दिया। और जब टचडाउन किया, तो वह रनवे के बीच में पहुंच चुका था। काफी तेज रफ्तार के साथ प्लेन रनवे के आखिर में पहुंचा और गहराई में नाक के बल गिरकर एयरपोर्ट की दीवार से जा टकराया।
जैकब के मुताबिक जो रिपोर्ट्स हैं, उनसे ये साफ है कि एक्सीडेंट की दो ही वजह हो सकती हैं। पहली- प्लेन का ओवरशूट करना यानी रनवे पार कर जाना। दूसरी- रनवे के बीच में टचडाउन होने के बाद पायलट स्पीड कम नहीं कर पाए और प्लेन को रोक नहीं सके। यदि प्लेन ने रनवे पर सही जगह पर टचडाउन किया होता तो शायद ये एक्सीडेंट नहीं होता।
केंद्र सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10–10 लाख रुपए और गंभीर घायलों को 2–2 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। केरल सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को 10–10 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। ‑वेब