संजीवनी

श्री साईं आदित्य (श्रीजी) द्वारा, (अटूट संबंध ग्रंथ ) के 3 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‚बाबा की प्रेरणा से लिखित कविता को बाबा के श्री चरणों मे समर्पित करते हैं।

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