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राफेल ने उड़ाई पाकिस्तान और चीन की नींद

Rafale

पंजाब। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर इंडक्शन सेरेमनी में राफेल को औपचारिक रूप से वायु सेना में शामिल किया गया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ले के सामने 17 स्कवॉड्रन ’गोल्डन ऐरोज’ के पायलट्स ने जौहर दिखाए। अंबाला के आसमान पर बड़ी आसानी से मैनूवर्स करते राफेल लड़ाकू विमानों को देखकर चीन और पाकिस्तान की धड़कनें जरूर तेज हो गई होंगी। राफेल आ जाने से भारतीय वायुसेना की ताकत में जो इजाफा हुआ है, उससे दोनों पड़ोसी देशों की नींद उड़ चुकी है। राफेल ने क्यों चीन और पाकिस्तान को टेंशन दे दी है,
राफेल को भारत की जरूरतों के हिसाब से मॉडिफाई किया गया है। राफेल की रेंज 3,700 किलोमीटर है, यह अपने साथ चार मिसाइल ले जा सकता है। राफेल की लंबाई 15.30 मीटर और ऊंचाई 5.30 मीटर है। राफेल का विंगस्पैन सिर्फ 10.90 मीटर है जो इसे पहाड़ी इलाकों में उड़ने के लिए आदर्श एयरक्राफ्ट बनाता है। विमान छोटा होने से उसकी मैनुवरिंग में आसानी होती है। ‑वेब