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भारत और चीन के बीच तनातनी जारी, एक दूसरे पर मढ़ रहे आरोप

India China

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के मुद्दे पर लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
वहीं, राजनाथ के इस बयान पर अब चीन की मीडिया की प्रतिक्रिया आई है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि भारत के रक्षा मंत्री का बयान उकसाने वाला है और इससे सीमा पर सर्दियों के मौसम में तनाव बहुत बढ़ सकता है।
ग्लोबल टाइम्स ने विशेषज्ञ के हवाले से कहा कि लद्दाख सीमा पर तनाव की स्थिति के जल्द खत्म होने के आसार नहीं है। भारत के रक्षा मंत्री अपने बयानों से नागरिकों को इस बात भरोसा दिलाना चाहते हैं कि उनकी सेना और सरकार पूरी तरह तैयार है। लेकिन सच्चाई इसके उलट है, सीमा पर तनाव की स्थिति भारत के कारण ही बनी है।
अखबार ने लिखा कि भारतीय सेना सर्दियों के बढ़ने के साथ ही अधिक दबाव महूसस कर रही है, क्योंकि उनका रक्षा खर्च अधिक हैं और भयावह आर्थिक मंदी की वजह से वह युद्ध की स्थिति में नहीं है। भारतीय नेताओं को पता है कि वह गिरती जीडीपी और बढ़ती बेरोजगारी की वजह से चीन के साथ युद्ध नहीं कर सकते हैं।
ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि जिस तरह भारत की सेना पाकिस्तान सीमा पर छोटी-छोटी झड़पों में जुटी रहती है, वैसे ही हालात चीन सीमा पर भी बन सकता है। ऐसे में चीन सेना को तैयार रहना चाहिए। अखबार में कहा गया कि भारत के रक्षा मंत्री ने सीमा पर तनाव की जिम्मेदारी चीन के सिर मढ़ दी है।
अखबार ने कहा कि भारत को लगता है कि अगर उसके सैनिक लंबे समय तक चीनी सीमा पर डटे रहेंगे तो युद्धि शांति की ओर बढ़ सकता है। यही वजह है कि भारत की तरफ से इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। ‑वेब