विदेश

हसन रूहानी ने कहा कि अमेरिका की दादागिरी बर्दाश्त नहीं

Hasan Ruhani

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि उनके देश पर दोबारा यूएन प्रतिबंध लगाने के मामले में अमरीका की हार हुई है. रूहानी ने कहा कि अमरीका के यूरोपीय सहयोगियों ने ही इस एकतरफा फैसले को कानूनी रूप से अवैध करार दिया है.
राष्ट्र के नाम अपने संदेश में रूहानी ने कहा कि ’ईरान अमरीका की दादागिरी का करारा जवाब देगा.’ उधर ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान पर दोबारा प्रतिबंध लगाने का फैसला ईरान के साथ किए गए परमाणु समझौते की शर्तों के तहत ही किया गया है. अमरीका ने उस समझौते से खुद को अलग कर लिया था.
तीन देशों के अलावा चीन, रूस और अमरीका 2015 में हुए उस ऐतिहासिक समझौते में शामिल थे जिसके तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने की बात मान ली थी. लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ओबामा के कार्यकाल के दौरान हुए इस समझौते के आलोचक थे, और राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने साल 2018 में अमरीका को इस समझौते से अलग कर लिया था. इसका नतीजा ये हुआ कि ईरान ने भी जो वादे किए थे उनमें से कुछ को पूरा करने में आना-कानी शुरू कर दी. ईरान ने यूरेनियम संवर्धन बढ़ा दिया था. अमरीका का कहना है कि ईरान को इसकी सजा मिलनी चाहिए. अमरीका ने घोषणा की है कि ईरान पर लगाए गए सारे यूएन प्रतिबंधों को जिनको फिलहाल स्थगित कर दिया गया था, उसे दोबारा लागू किया जाएगा. — वेब

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