देश

किसान आंदोलनः भाजपा नेता दे रहे विवादित बयान

एक तरफ केंद्र सरकार किसान आंदोलन खत्म करवाने के लिए झुकती नजर आ रही है। दूसरी तरफ भाजपा नेता विवादित बयान दे रहे हैं। ताजा विवाद दौसा से भाजपा सांसद जसकौर मीणा के बयान से जुड़ा है।
जसकौर का एक वीडियो राजस्थान कांग्रेस कमेटी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इसमें वे कह रही हैं, ’अभी कृषि कानून का ही देख लीजिए कि आतंकवादी बैठे हुए हैं और आतंकवादियों ने खालिस्तान का झंडा लगाया हुआ है। ऐसी परिस्थिति में कैसे सोचें कि इस देश में कितनी रुकावटें हैं।’
इससे पहले बुधवार को किसानों के साथ 11वें राउंड की बातचीत में सरकार कुछ झुकती हुई नजर आई। केंद्र ने बुधवार को किसान नेताओं को दो प्रपोजल दिए। पहला यह कि डेढ़ साल तक कृषि कानून लागू नहीं किए जाएंगे और सरकार इसका हलफनामा कोर्ट में देने को तैयार है। दूसरा-बातचीत के लिए नई कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी जो राय देगी, उसके बाद कृषि कानूनों पर फैसला लिया जाएगा।
दिल्ली के विज्ञान भवन में किसानों और सरकार की मीटिंग में लंच से पहले तक कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर लंच ब्रेक हुआ। इसी दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गृह मंत्री अमित शाह को फोन लगाकर किसानों की चिंता बताई। चिंता यह कि सुप्रीम कोर्ट की कमेटी 2 महीने में रिपोर्ट दे देगी, उसके बाद कृषि कानूनों के अमल पर लगी रोक कभी भी हट सकती है। इस पर शाह ने तोमर से कहा- किसानों को बताएं कि सरकार डेढ़ साल तक कानून होल्ड करने को तैयार है।
लंच के बाद तोमर ने मीटिंग में प्रपोजल रखा तो कुछ किसान नेता सहमत हो गए, लेकिन बाद में प्रस्ताव नहीं माना। तोमर ने उन्हें चर्चा के लिए समय देते हुए अगली बैठक 22 जनवरी को रखने पर सहमति बना ली। किसान सरकार के प्रपोजल पर शुक्रवार को होने वाली बैठक में अपना फैसला बताएंगे। ‑वेब

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