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इमरान खान को मिली करारी शिकस्त, कुर्सी खतरे में

गुरुवार शाम देश को संबोधित करते हुए इमरान खान ने जो बातें कहीं उससे साफ है कि उन्होंने हार मान ली है। शनिवार को बहुमत परीक्षण में उतरने से पहले इमरान खान ने साफ कहा कि उनके 15–16 सांसद बिक गए हैं और वह विपक्ष में बैठने को तैयार हैं। विपक्षी नेताओं को चोर बताते हुए इमरान खान ने कहा कि उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही थी।
इमरान खान ने कहा, ’’इनकी सोच थी कि मेरे ऊपर नो कॉन्फिडेंस की तलवार लटकाएंगे और मैं मुझे कुर्सी से प्यार है तो मैं इनके सारे केस खत्म कर दूंगा। मैं खुद विश्वास मत लेने जा रहा हूं। मैं संसद में सबके सामने विश्वास मांगूगा। मैं अपनी पार्टी के लोगों से भी कहता हूं कि आप यदि मेरे साथ नहीं हैं, तो आपका हक है, आप संसद में हाथ उठाकर कह दीजिए। कोई बात नहीं मैं विपक्ष में चला जाऊंगा।’’
पीडीएम के नेताओं और उनके करप्शन के खिलाफ जंग जारी रखने का ऐलान करते हुए इमरान खान ने कहा, ’’मैं आपको बता दूं, ये जो पीडीएम के सारे बड़े-बड़े हैं….आपको मेरा पैगाम है, मैं सत्ता में रहूं या ना रहूं, मेरी जिंदगी में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मैं चाहे विपक्ष में रहूं या सत्ता में मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा। मैं बाहर भी हो जाऊंगा तो मैं कौम को बाहर निकालूंगा। मैं पब्लिक निकाल कर दिखाऊंगा। मैं जब तक जिंदा हूं, मैं मुल्क के इन गद्दारों का मुकाबला करता रहूंगा। यह मुल्क एक अजीम मुल्क बनेगा और ये तब होगा जब ये सारे डाकू जेल में होंगे।’’
इमरान खान ने सीनेट चुनाव में सीक्रेट वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाए और कहा कि इससे उन लोगों को बचा लिया गया है जिन्होंने पैसे लेकर वोट दिए हैं। उन्होंने कहा कि आपको पता था कि पैसों की लेनदेन होनी है फिर भी आपने सबकुछ होने दिया। आपने देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है। इमरान खान ने कहा कि पैसे युसूफ रजा गिलानी ने पैसे देकर वोट खरीदे हैं।
सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक‑ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) ने दावा किया था कि उसे 182 सदस्यों का समर्थन हासिल है जबकि सीनेटर को चुनने के लिए 172 वोटों की आवश्यकता थी। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने घोषणा की कि, ‘‘यूसुफ रजा गिलानी को 169 मत मिले जबकि शेख को 164 मत मिले। सात मत खारिज हुए। कुल 340 वोट डाले गए। ‑वेब