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चुनाव जीतन के चक्कर में अपनी जिंदगी से हारे प्रत्याशी

यूपी पंचायत चुनाव में बीमारी से कई प्रत्याशियों की मौत हो गई। ये जिंदगी की जंग तो हार गए, लेकिन मतगणना में दूसरों को पछाड़ दिया। ऐसे में कई जगहों पर अब दोबारा चुनाव होंगे। बाराबंकी के हैदरगढ़ ब्लाॅक की ग्राम पंचायत रनापुर से प्रधान पद पर कुसुमलता ने 60 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इनकी चार दिन पहले लखनऊ में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
वहीं, सिद्धौर ब्लॉक के देवकली ग्राम पंचायत के प्रधान प्रत्याशी भगौती प्रसाद वर्मा (75) की शनिवार देर रात मौत हो गई। चुनाव में उन्हें 510 वोटों से जीत मिली। उनके बेटे जितेंद्र ने बताया कि वह काफी दिन से बीमार थे। डॉक्टर ने मौत की वजह दिल का दौरा बताई है। वहीं, पड़रावा सीट पर प्रधान प्रत्याशी रही शिवकुमारी (60) की रविवार को मतगणना के दौरान ही मौत हो गई, हालांकि देर रात तक परिणाम नहीं आ सका।
रामनगर ब्लाॅक की अमोली कला की बीडीसी प्रत्याशी आशीष दीक्षित ने महज एक वोट से जीत दर्ज की। इसी ब्लाॅक में बीडीसी प्रत्याशी कामिनी अवस्थी एक वोट के अंतर से हार गईं। फतेहपुर की ग्राम पंचायत जगसेड़ा के प्रधान पद पर सिराजुद्दीन महज दो वोटों के अंतर से जीते। हरख ब्लाॅक की टिकरामुर्तजा में प्रधान पद पर नसरीन बानो महज सात वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। दरियाबाद के सराईबेलहरी में संतोष कुमारी ने महज छह वोट के अंतर से प्रधान पद पर जीत दर्ज की। इसी ब्लाॅक की गंगौली पंचायत में केवला देवी 24 वोटों से जीतीं।
प्रधान पद पर जीत के रेकॉर्ड भी बने है। देवा में सलारपुर पंचायत में प्रधान पद पर सुमन सिंह ने 635 वोट के अंतर से जीत दर्ज की है। मसौली में नैनामऊ से मो. नईम 402 वोटों से जीते। हरख के पंचायत बराईन में अरविंद कुमार ने 794 वोटों से निकटतम प्रतिद्वंदी को हराया। ‑वेब

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