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लखनऊ

बीते मार्च और अप्रैल माह में राजधानी में 5000 से ज्यादा हुईं कोरोना से मौतें

बीते दो महीनों में लगभग पांच हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इसमें ज्यादातर कोरोना संक्रमित लोग थे। मौत का ऐसा तांडव लखनऊ ने इससे पहले कभी नहीं देखा था और न ही नगर निगम ने इतनी संख्या में कभी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए थे। इन दो महीनों में नगर निगम ने 4,990 से ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए हैं।
कोरोना काल से पहले नगर निगम हर माह 700 से 800 के बीच मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करता था। लेकिन कोरोना काल शुरू होते ही यह संख्या बढ़ गई। जनवरी-फरवरी में यह संख्या 800 से 900 के बीच पहुंची। मार्च में मुत्यु प्रमाण पत्र की संख्या 1792 पहुंची। अप्रैल माह में तो बेतहाशा वृद्धि हुई। इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने वाली संख्या बढ़कर 3198 पहुंच गई। नगर निगम के अधिकारियों की माने तो मई माह में भी स्थिति यही रहेगी। क्योंकि 24 से 30 अप्रैल के बीच मौतों की संख्या बहुत ज्यादा थी। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ज्यादातर आवेदन मई माह में होंगे। हालांकि,मई में मृतकों की संख्या घटी है लिहाजा अप्रैल की तुलना में थोड़ी कमी आने की उम्मीद भी है।
मौजूदा समय में हर दिन 150 से 200 के बीच आवेदन दाखिल हो रहे हैं। बढ़ी आवेदनों की संख्या को देखते हुए नगर निगम ने सभी जोनों में अलग काउंटर बना दिए हैं। दो-दो कर्मचारी तैनात किए हैं। दो से तीन दिन में प्रमाण पत्र जारी करने की सख्त हिदायत है। कुछ लोग कार्यालय पहुंचकर आवेदन कर रहे हैं तो कुछ ऑन लाइन आवेदन कर रहे हैं। आवेदक के मोबाइल नम्बर पर ही मृत्यु प्रमाण पत्र की पीडीएफ फाइल भेज दी जा रही है। ‑वेब

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